Sunday, September 26, 2021

कमजोर पाचन के लिए योग || Best 10 Yoga asanas for digestion

 पाचन के लिए योग || Best 10 Yoga asanas for weak digestion

         जब आपको पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, तो आप तेजी से राहत पाना चाहते हैं। कमजोर पाचन आज के समय में बड़ी आम परेशानी है | कमजोर पाचन होने के कई कारण होते हैं जैसे कि डायरिया कॉन्स्टिपेशन और आदि कई परेशानियां | च के कारण पेट फूलना, पेट दर्द, एसिडिटी, कब्ज और लूज मोशन जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। भोजन का पाचन आपके मुंह में शुरू होता है और फिर पेट और फिर आंतों तक जाता है। भोजन टूट जाता है और शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। पाचन प्रक्रिया से अपशिष्ट उत्पाद गुदा के माध्यम से समाप्त हो जाते हैं और इसे शौच कहा जाता है। कमजोर पाचन हमारे गलत खान पीन के तरीके और अस्वस्थ जीवन शैली के कारण भी हो सकता है | पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए आजकल बाजार में कई प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं किंतु यह दवाइयां हमें फायदे के साथ-साथ कई प्रकार के नुकसान भी देती है और साथ ही यह पाचन की समस्या को जड़ से समाप्त भी नहीं करती अगर हमें पाचन की समस्या के जड़ से मुक्ति चाहिए तो हमें इसके लिए कोई बेहतर उपाय देखना होगा और योग एक ऐसा ही बेहतर उपाय हैं | जो हमें कमजोर पाचन से मुक्ति दिला सकता है | जी हां, कई अध्ययनों से  यह पाया गया है कि योग के लगातार अभ्यास करने से ना ही हमारा शरीर लचीला और मजबूत होता है बल्कि यह हमारे पाचन तंत्र को बेहतर करता है | स्वस्थ शरीर के लिए भोजन का उचित पाचन आवश्यक है। आपकी खाने की आदतें और गतिविधियां सीधे पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। आप अपनी जीवनशैली या खाने की आदतों में बदलाव करके अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ और मजबूत रख सकते हैं। 

योग क्या है?

         योग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके निरंतर उपयोग से हम अपने शरीर को सभी परेशानियों से अपने मन को सभी चिंताओं से मुक्त कर सकते हैं | योग तनाव को कम करके रक्त संचार में वृद्धि करता है तथा आंतों की गतिशीलता को बढ़ाकर पाचन संबंधित सभी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है | हालांकि पाचन संबंधित समस्याओं में इसकी भूमिका को समझने के लिए वैज्ञानिकों को और अधिक शोध करने की आवश्यकता है | पाचन तंत्र को सुधारने के लिए तथा इससे संबंधित सभी परेशानियों को कम करने के लिए एलोपैथिक दवाइयां है किंतु इन सभी दवाइयों से हमारे शरीर पर किसी ना किसी प्रकार का आहत होता हैं तथा दूसरी तरफ योग जिसकी निरंतर अभ्यास से हम अपने पाचन तंत्र को सुधार सकते हैं साथ ही इससे शरीर को परेशानी नहीं होती |

योगासन पाचन में सुधार कैसे कर सकते हैं ?

       योग के नियमित अभ्यास से शरीर को प्रभावी ढंग से विषहरण किया जाता है, खराब आहार, अस्वस्थकर  जीवन शैली और तनाव से जमा हुआ विषहरण पदार्थ बाहर निकल जाता है | इसका नियमित रूप से अभ्यास करके, अपने तनाव को कम कर तथा अपनी दिनचर्या में कुछ शांति जोड़कर हम सहानुभूति तंत्रिका तंत्र को भी शांत कर सकते हैं | आसन के नियमित अभ्यास से हमारे पेट पर हल्का दबाव डालता है और यह हमारे पेट की आंतों की मालिश करता है | पाचन अंगों में रक्त का संचार बनाता है जिससे पाचन में सहायता मिलती है | मल त्याग नियंत्रित होता है और कब्ज की परेशानी भी दूर होती है |

कमजोर पाचन के लिए 10 योग आसन

1. भारद्वाजासन (Seated Twist Pose)
                     भारद्वाजासन के अभ्यास से शरीर की मांसपेशियां तथा कमर की और कंधों की मांसपेशियां लचीली बनती है | यह आसन पीठ दर्द, पेट की चर्बी, कमर की चर्बी, कब्ज की समस्या,गर्दन के दर्द, कमर दर्द जैसी परेशानियों को भी दूर करता है | साथ ही इस आसन के नियमित अभ्यास से कूल्हों, कंधों, कमर, गर्दन की मांसपेशियां मजबूत व लचीली बनती है |  यह आसन कमर और कंधों को लचीला और मजबूत बनाता है | कमर में होने वाले खिंचाव के कारण यह आसन हमारे मेटाबॉलिज्म को बूस्ट पड़ता है तथा हमारी पाचन शक्ति को भी बढ़ाता है जिससे हमारे पेट से जुड़ी कई समस्याएं भी समाप्त होती हैं |

                           पादांगुष्ठासन आगे की ओर झुकने वाला आसन है | इस आसन के अभ्यास से हमारे कमर की मांसपेशियों लचीली बनती है | यह आसन पेट की चर्बी को कम करता है | यह आसन श्रोणि  मांसपेशियों को मजबूत करता है और लचीला बनाता है | यह आसन तनाव, टेंशन, डिप्रैशन, एंजायटी जैसी कई समस्याओं के खतरे से भी बचाता है | खराब लाइफस्टाइल के कारण मोटापे और डायबिटीज जैसी समस्याएं होती है, इस आसन के अभ्यास से हम इन समस्याओं से भी मुक्ति पा सकते हैं | पादांगुष्ठासन के अभ्यास से लोअर बैक, पैर और एड़ी हैमस्ट्रिंग मसल, पेल्विक मसल और आदि कई मांसपेशियां मजबूत होती है और लचीलापन आता है |      
पादांगुष्ठासन 


3. नौकासन (Boat Pose)
                  नौकासन बैठकर किए जाने वाले आसनों की श्रेणी मे आता है | इस आसन को करने के दौरान हमारा    शरीर V अक्षर की आकृति का बन जाता है | नौकासन के अभ्यास से लोअर बैक, बायसेप्स मसल्स,  ट्राइसेप्स मसल्स, पैर के पंजे और टकले मजबूत बनाया जाता है | इस आसन को करने के कई फायदे हैं, यह आसन शरीर के एलाइनमेंट को सुधारता है, पाचन शक्ति को बढ़ाता है, शरीर के संतुलन को बेहतर करता है|
नौकासन 

                                   
                         धनुरासन पेट के बल किए जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है क्योंकि इस आसन के अभ्यास करते समय हमारा शरीर धनुष के आकार का हो जाता है इसलिए इसका नाम धनुरासन है | यह आसन डायबिटीज, अस्थमा, कब्ज, थायराइड जैसी कई बीमारियों के लिए रामबाण इलाज है | इस  आसन के अभ्यास से स्लिप डिस्क मे बहुत हद तक आराम मिलता है | धनुरासन वजन कम करने के लिए एक उत्तम योगासन है |
इस आसन को करने से पेट पर दबाव पड़ता है जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है |
                           
धनुरासन 

                       
                           सेतुबंध आसन में आप अपने शरीर को एक सेतु के आकार में बांधकर रोक सकते हैं इसलिए इसका नाम सेतुबंध आसन रखा गया है | सेतुबंध आसन कंधों, रीड की हड्डी को मजबूत करता है | यह आपकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है | सेतुबंध आसन पेट के के अंगों, फेफड़ों और थायराइड को उत्तेजित बनाता है तथा इनमें  रक्त संचार बढ़ाता है | यह आसन छाती, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव लाता है | इस आसन के अभ्यास से चिंता, थकान, सिर दर्द और अनिद्रा कम होती है | यह आसन पाचन में भी सुधार लाता है | सेतुबंध आसन दमा हाई बीपी के पेशेंट के लिए बहुत ही उत्तम आसन है |
                       

सेतुबंधासन 

                                           
6.भुजंगासन (Cobra Pose)   
भुजंगासन

भुजंगासन 

                       भुजंगासन पेट के बल की जाने वाला आसन है यह आसन सूर्य नमस्कार के 12 मुद्राओं में से एक मुद्रा है | इस आसन में शरीर सांप की आकृति का बन जाता है जिस कारण इसे अंग्रेजी भाषा में Cobra pose भी कहते हैं | इस आसन से हमारी रीढ़ की हड्डी मजबूत व लचीली बनती है | भुजंगासन हर्निया के मरीजों को नहीं करना चाहिए | इस आसन के कई लाभ हैं जैसे की यह आसन पेट के नीचे हिस्से में मौजूद सभी अंगों के काम करने की क्षमता बढ़ाता है, पाचन तंत्र, मूत्र मार्ग की समस्याएं दूर होती हैं, फेफड़े, के, सीने और पेट के निचले हिस्से को अच्छे से खिंचाव मिलता है, टेंशन दूर होती है और डिप्रेशन से भी राहत मिलती है|                

7.अधोमुख श्वानासन (Downward facing Dog Pose)  
                                         अधोमुख श्वानासन एक बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है | यह आसन सूर्य नमस्कार के 12  आसनों में से एक आसान है | यह पेट की निचली मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, रक्त संचार बढ़ता है, पाचन तंत्र सुधरता है, एंजाइटी, सिरदर्द, थकान जैसी परेशानियां कम करता है | मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है |
                       

अधोमुख श्वानासन 




8.त्रिकोणासन (Triangle Pose)
                     त्रिकोणासन खड़े होकर किए जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है | इस आसन में हमारा शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है इसलिए इसे त्रिकोणासन कहते हैं | त्रिकोणासन कमर को कम करने के लिए एक अति उत्तम योगासन है यह मोटापा घटाने के साथ-साथ शरीर में लचीलापन भी लाता है | यह आसन हाइट बढ़ाने के लिए, फेफड़ों के लिए, शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के लिए अति उत्तम आसन है | यह मधुमेह, कमर दर्द, एसिडिटी, चिंता व तनाव को भी कम करता है | यह स्टैमिना बनाता है शरीर को लचीला बनाता है शरीर में संतुलन बनाने के लिए उत्तम आसन है |
त्रिकोणासन 


9.मत्स्यासन (Fish Pose)
                 मत्स्यासन पीठ के बल किए जाने वाला आसन है | यह आसन सीने और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है तथा कंधों गर्दन की मांसपेशियों को टेंशन से मुक्ति देता है | यह आसन दमा की परेशानी से भी मुक्ति देता है | इसके अभ्यास से गले और पाचन अंगों को अच्छी मसाज मिलती है | यह आसन कब्ज, सांस से संबंधित बीमारियां, हल्का पीठ दर्द, थकान बेचैनी जैसी परेशानियों से मुक्ति देता है | मत्स्यासन से पीठ और कमर मजबूत होती हैं तथा आसन के दौरान गर्दन में बनने वाले मोड़ से थायराइड में फायदा पहुंचता है |
मत्स्यासन 


10. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half hold of Fish Pose)
               अर्धमत्स्येंद्रासन को  हाफ स्पाइनल पोज या वक्रासन भी कहते हैं | अर्धमत्स्येंद्रासन आप की रीड की हड्डी के लिए अत्यंत लाभकारी है | यह आसन रीड की हड्डी को लचीली बनाता है, मसल को खोलता है| शरीर को तनाव और चिंता से मुक्त करता है |  पाचन तंत्र बेहतर करता है , मधुमेह को कंट्रोल करता है , कमर की अकड़न कम करता है, साथ ही पाचन तंत्र से संबंधित सभी परेशानियों से मुक्ति देता है | 
अर्धमत्स्येंद्रासन 

Healthy Long Life के इस ब्लॉग पे हम आपको  कुछ ऐसे ही असनो के बारे में बताये गे | ओर जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे और अपनी टिप्पणी देना न भूले | 


 



Location: Noida, Uttar Pradesh, India

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