Tuesday, September 21, 2021

धनुरासन करने का सही तरीका और उसके फायदे || The right way and the Benefits of Dhanurasana

धनुरासन करने का सही तरीका और उसके फायदे || The right way and the Benefits of Dhanurasana 

धनुरासन 


 धनुरासन अर्थात धनुष + आसन | इस आसन के अभ्यास के दौरान हमारा शरीर धनुष के आकार का हो जाता है |इसके अभ्यास से आप की रीढ़ की हड्डी हमेशा स्वस्थ रहेगी | यह आसन कमर और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभदायक है | यह एक महत्वपूर्ण आसन है जिसे करने के कई फायदे है | इस लेख में हम आपको धनुरासन के अद्भुत फायदे, धनुरासन करने का तरीका, आसन में की जाने वाली सावधानी और चेतावनी, धनुरासन के बाद किए जाने वाले आसन और धनुरासन से पहले किए जाने वाले आसन के बारे में बताएंगे | 

अंग्रेजी नाम 

Bow Pose

धनुरासन के अद्भुत फायदे

  • धनुरासन करने से शरीर की कार्यप्रणाली मजबूत होती है | पेट से जुड़ी जटिल रोग जैसे कि एसिडिटी, गैस, खट्टी डकार और सामान्य पेट दर्द दूर होते हैं | यह आसन पाचन कार्यकौशलता बढ़ाता है |
  • यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीली बनाता है | यह आसन पेट दर्द के लिए रामबाण योग है| अगर आप इसका रोजाना अभ्यास करते हैं तो हमेशा के लिए कमर दर्द की परेशानी से निजात पा सकते है |
  • यह आसन बाजुओं, जांघ और पेट की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है |
  • यह आसन अस्थमा रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है | इसके अभ्यास से फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है जो अस्थमा रोगियों के लिए बहुत जरूरी है |
  • धनुरासन के अभ्यास से कब्ज,थकान, चिंता और मासिक धर्म में परेशानी को दूर किया जा सकता है |

कैसे करें धनुरासन

  • किसी आसन पर पेट के बल लेट जाएं |
  • घुटनों को मोड़कर कमर के पास लाएं और हाथों से टखनों को टाइट से पकड़े ले |
  • श्वास भरते हुए अपने दोनों घुटनों और छाती को जमीन से ऊपर उठाने का प्रयत्न करें |
  • जितना हो सके अपनी जांघ और छाती को ऊपर उठाने की कोशिश करें |
  • इस आसन के दौरान आपका शरीर धनुष के समान लगेगा |
  • इस आसन में अपने शरीर के साथ ज्यादा जोर जबरदस्ती ना करें| आपका शरीर आपको जितनी इजाजत दे रहा है आप इस आसन को उतना ही करें|
  • श्वास पर ध्यान रखते हुए आसन में स्थिर रहे और चेहरे पर मुस्कान रखें |
  • 15 से 20 सेकंड के लिए मुद्रा में रहे | अभ्यास करते हुए आप इस आसन में रुकने का समय अपने हिसाब से बढ़ा या घटा सकते हैं | 
  • श्वास छोड़ते हुए पैर और छाती को धीरे-धीरे वापस जमीन पर लाएं | टखनों को छोड़ते हुए विश्राम करें |

सावधानी और चेतावनी

  • यदि रीढ़ की हड्डी में चोट या लंबे समय से कोई गंभीर समस्या है तो यह आसन नहीं करना चाहिए |
  • यदि आपको उच्च रक्तचाप(High Blood Pressure), हर्निया(Hernia), कमर दर्द(Back Pain), सिर दर्द(Headaches), माइग्रेन(Migraine), गर्दन में चोट या हाल ही में कोईऑपरेशन हुआ है तो धनुरासन का अभ्यास ना करें |
  • गर्भवती महिलाएं इस आसन का अभ्यास ना करें तथा मासिक धर्म में भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए |
  • अगर आपको कंधों में किसी प्रकार की परेशानी है या आपके घुटने और कंधों की हड्डियों में किसी प्रकार की चोट है तो इस आसन का अभ्यास ना करें |
  • हृदय से संबंधित समस्याओं से पीड़ित लोगों को इस आसन से नहीं करना चाहिए |
  • भोजन के तुरंत बाद इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए |
  • अगर आपको पथरी की शिकायत है तो इस आसन का अभ्यास ना करें |


धनुरासन के बाद किए जाने वाले आसन

धनुरासन के पहले किए जाने वाले आसन

  • उड़ध मुख सवनसाना (Upward-Facing Dog Pose)
  • भुजंगासन ( Cobra Pose)
  • पदमासन ( Lotus Pose)
  • शलभासन ( Locust Pose ) 

Healthy Long Life के इस ब्लॉग पे हम आपको  कुछ ऐसे ही असनो के बारे में बताये गे | ओर जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे और अपनी टिप्पणी देना न भूले | 




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