Saturday, October 30, 2021

वजन बढ़ाने के लिए योग आसन || Yoga asanas for weight gain

      योग सामान्य अर्थ में किसी के शरीर को पोषण करने का सबसे विश्वसनीय और प्रभावी तरीका है | हालांकि आज अधिकतर लोगों का ध्यान वजन कम करने पर होता है, किंतु कुछ लोगों के लिए वजन बढ़ाना भी उतना ही मुश्किल होता है | योग जीवन का एक अविश्वसनीय तरीका है जिसमें वजन बढ़ाना सहित सभी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान है। यह खराब मेटाबॉलिज्म भूख ना लगना और पाचन संबंधी समस्याओं आदि समस्याएं को दूर करता है | कई विशेषज्ञ यह मानते हैं कि योग हमारी मांसपेशियों को मजबूत करने में तथा सहनशक्ति में मदद करता है लेकिन यह जरूरी नहीं  है कि वजन या मांसपेशियों को बढ़ाएं | किंतु नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से मांसपेशियों की ताकत तथा सहनशीलता में वृद्धि होती है। आप वजन बढ़ाते हैं या नहीं यह आपके आहर और आपकी संपूर्ण फिटनेस दिनचर्या में अन्य प्रतिरोध-शैली के व्यायाम पर भी निर्भर करता है|

''यह मानना कि योग के अभ्यास से वजन को बढ़ाया नहीं जा सकता यह बिल्कुल गलत है |''

     योग में विभिन्न आसनों और प्राणायाम के अभ्यास के दौरान यह पूरे शरीर में पोषक तत्वों को जमा करते हुए रक्त का और ऑक्सीजन का अच्छे से संचार सुनिश्चित करता है| इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताएंगे जो वजन बढ़ाने में बहुत ही ज्यादा मदद करते हैं और साथ ही जिनके अन्य कई लाभ भी हैं|

1. उत्कटासन 

                                                   

      उत्कटासन को अंग्रेजी भाषा में चेयर पोस्ट(Chair Pose) भी कहते हैं | यह आसन हमारे टखनों, जांघों, पिंडलियों और रीढ़ को मजबूत बनाता है | इस आसन के अभ्यास से कंधों और छाती फैलते हैं और चपटे पैर की समस्या भी कम होती है | यह पेट के अंगों और डायफार्मा को उत्तेजित करता है, हृदय की गति को बढ़ाता है संचार और चायपचय प्रणाली को उत्तेजित करता है यह आसन हमारी जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है साथ ही यह आसन उन लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है जो खेलकूद में जुड़े रहते हैं या दौड़ भाग में जुड़े रहते हैं |

         दो से तीन महीनों के लगातार अभ्यास से आप देखेंगे कि आपके पैर मजबूत हो गए हैं और अपकी जांघों की मांसपेशियां भी बढ़ रही हैं | इस आसन का अभ्यास शुरुआत में 30 सेकंड से करना चाहिए और धीरे-धीरे इसकी समय सीमा बढ़ाते हुए 1 मिनट तक कर सकते हैं |

2. भुजंगासन

                               

भुजंगासन जिसे अंग्रेजी भाषा में कोबरा पोज (Cobra Pose)भी कहते हैं | हालांकि इस आसन के अनेक लाभ हैं जैसे कि यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, चायपचय को विनियमित करता है, यह आसन हमारी रीड की हड्डी के लिए भी बहुत लाभदायक है और यह पेट से जुड़ी ऐसी अनेक समस्याओं के लिए बहुत भी लाभदायक है जिन पर दवाइयों का असर भी नहीं होता | यह आसन अनेक बीमारियों में बहुत ही लाभदायक है |

3. सूर्य नमस्कार

                                   

    जब हमारे पास व्यायाम करने के लिए समय कम होता है तो हम हमेशा ऐसी गतिविधियों की तलाश में रहते हैं जो कम समय में अधिक से अधिक हमारे शरीर की मांसपेशियों और समूहों को लक्षित करते हुए हमारी मदद कर सके | ऐसे ही एक समूह जो शरीर को व्यायाम करने में मदद करता है वह है सूर्य नमस्कार | सूर्य नमस्कार 12 आसनों का एक समूह है | सूर्य नमस्कार एक बेहतरीन कार्डियोवास्कुलर कसरत है |

4. अनुलोम विलोम प्राणायाम

                                                 

     अनुलोम विलोम योग में एक विशेष प्रकार की श्वसन नियंत्रण करने का प्राणायाम है इसमें श्वसन लेते समय एक नथुने को बंद रखना फिर श्वसन छोड़ते हुए दूसरे नथुने को बंद रखना शामिल है। अर्थात अनुलोम विलोम प्राणायाम में नाक के दाएं छिद्र से सांस खींचते हैं तो बायीं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालते हैं इसी प्रकार यदि नाक के बायीं छिद्र से सांस खींचते हैं तो नाक के दाएं छिद्र से सांस को बाहर निकालते हैं। अनुलोम विलोम प्राणायाम को कुछ योग ग्रंथ में नाड़ी शोधन प्राणायाम भी कहते हैं | इसके नियमित अभ्यास से शरीर की समस्त नाड़ियों का शोधन होता है यानी व स्वच्छ व निरोग बनी रहती है  | यह प्राणायाम हमारे शरीर को समस्त रोगों से निरोग करता है। जिसके तहत हम अपने शरीर में अधिक फुर्ती और ताजगी महसूस कर सकते हैं और यही फुर्ती और ताजगी हमें स्वस्थ रहने में भी सहायता करती है |

5. पवनमुक्तासन

                                                       

पवनमुक्तासन उदर के लिए बहुत ही लाभदायक है | यह पेट की कई समस्याओं जैसे कि कब्ज, पाचन, गैस और पेट फूलने की समस्या को आसानी से समाप्त करता है | साथ ही यह उन महिलाओं के लिए बेहतरीन आसन है जिन्हें पीरियड्स नियमित रूप से नहीं होते | पवनमुक्तासन के नाम से ही हमे इसके बारे में अधिक जान सकते हैं अर्थात इस योग की क्रिया द्वारा शरीर से दूषित वायु को शरीर से मुक्त किया जाता है | 

     योग के अभ्यास से शुरुआत में शरीर में कोई महत्वपूर्ण या खास अंतर नहीं दिखाई देता है। इसका लंबे समय तक अभ्यास करने से ही शरीर में फर्क पड़ता है और वजन बढ़ाने के लिए जितनी महत्वपूर्ण भूमिका योग व्यायाम की है उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका सही आहार का सेवन करने की भी है | संतुलित आहार इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि वजन बढ़ाने के लिए शरीर को अच्छी स्थिति में रखते हुए अच्छी तरह से पोषित रखें और जंक फूड से बचना चाहिए |

जरूरी यह नहीं वजन कम करना या बढ़ाना प्रेरणा फिट और स्वस्थ रहना होना चाहिए | 

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