Thursday, October 21, 2021

अस्थमा के लिए योग || Yoga for Asthma

      आज के समय में अस्थमा सबसे आम सांस रोगो में से एक है | और साथ ही दुनिया भर में महंगी दवाइयां ही एक  मात्र बीमारी का इलाज है | बाजार में मिलने वाली दमा रोधी दवाई महंगी होती है और उसके कई बुरे प्रभाव भी होते हैं | यह महंगी दवाइयां दमा की परेशानी को पूर्ण रूप से समाप्त भी नहीं करती हैं | अगर आपको अस्थमा है तो आप अकेले नहीं हैं आज दुनिया भर में लगभग 300 मिलियन लोगों को दमा की परेशानी है | 

     अस्थमा एक सूजन संबंधी बीमारी है जिसमें सांस लेने में कठिनाई होती है खांसी, सीने में जकड़न घरघराहट होती है और आजकल के प्रदूषित हवा के कारण यह बीमारी ना केवल वृद्ध लोगों को  बल्कि जवान लोगों को भी हो रही है | पर्यावरण और आनुवंशिक कारकों के कारण अस्थमा एक दीर्घकालीन समस्या है जो फेफड़ों के वायु मार्ग को सुजा देती है | व्यायाम के नियमित अभ्यास से हम इस परेशानी से राहत पा सकते हैं, लेकिन शारीरिक गतिविधियां इस स्थिति से पीड़ित लोगों के लिए एक चुनौती हो सकती है | ऐसे में योग एक उचित उपाय है | धीमी गति से किया जाने वाला योग ना केवल अस्थमा के लक्षणों को दूर करेगा बल्किआप के फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ भी बनाएगा | योग अस्थमा से राहत प्रदान करने में मदद कर सकता है और इससे कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं |

    इस लेख का मुख्य उद्देश्य है कि दमा के रोगियों को योगा के ऐसे प्रभावशाली योगासन के बारे में बताना जो ना केवल उन्हें इस परेशानी से राहत देंगे बल्कि इस परेशानी को जड़ से समाप्त करेंगे |


1 नाडी शोधन प्राणायाम 

नाडी मानव शरीर में ऊर्जा चैनल है जो विभिन्न कारणों से अवरुद्ध हो सकते हैं | नाड़ी शोधन प्राणायाम एक सांस लेने की तकनीक है जो इन अवरुद्ध ऊर्जा चैनल को साफ करने में मदद करती है | अपने मन को शांत करने और संचित तनाव से शरीर को मुक्त करने के लिए इस प्राणायाम का अभ्यास करें | इस श्वास तकनीक का श्वसन और संचार संबंधी कई समस्याओं पर उपचारात्मक प्रभाव पड़ता है |

2. कपालभाति 

Girl doing pranayama

कपालभाति श्वास तकनीक मन को शांत करती है और तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करती है यह सभी नाड़ियों को साफ करती है और रक्त संचार भी सुधारती है | कपालभाति स्वास्थ तकनीक के उन्नत अभ्यास का मध्यवर्ती है जो आपकी छाती को मजबूत करता है, आपके पेट के अंगों को साफ करता है और आपके संचार के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र को भी सक्रिय करता है |

3. अर्ध मत्स्येन्द्रासन

Girl doing Ardha Matsyendrasana


अर्ध मत्स्येन्द्र आसन रीढ़ में लचीलापन और मजबूती पैदा करने के लिए सबसे अच्छे योगासनों में से एक है | यह तनाव खराब मुद्रा या एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठने के कारण कठोर गर्दन और पीठ की तनाव को शांत करता है | अर्ध मत्स्येन्द्र आसन छाती को खोलता है और फेफड़ों को ठीक करने की स्थिति में सुधार करता है जिससे अस्थमा की समस्या कम होती है |

4. पवनमुक्तासन

अर्ध मत्स्येन्द्रासन हठयोग में सबसे अच्छे और सबसे महत्वपूर्ण आसनों में से एक है | इसके बड़े मात्रा में लाभ है | जो शरीर की सभी प्रणालियों को कवर करता है | यह मुद्रा अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए बहुत ही अच्छी है क्योंकि यह पेट के अंगों की मालिश करती है और पाचन और गैस को छोड़ने में मदद करती है |

5. सेतुबंध आसन

Girl doing bridge pose


सेतुबंध आसन छाती और फेफड़ों को खोलता है और थायराइड की समस्या को कम करता है | यह पाचन में भी सुधार करता है और अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत ही उपयोगी है | सेतुबंध आसन में हमारे मन और शरीर के बीच तालमेल रखने में मदद मिलती है | जैसे पुल का काम ट्रैफिक और तनाव को कम करना है ऐसे ही यह आसन भी हमारे शरीर में टेंशन कम कम करने में मदद करता है |

6.  भुजंगासन



भुजंगासन छाती का विस्तार करता है, रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और अस्थमा वाले लोगों के लिए अत्यधिक अनुशंसित है | भुजंगासन रीड की गतिशीलता को बढ़ाता है रीड की हड्डी को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मदद करता है और पेट दर्द में राहत दिलाने में मदद कर सकता है यह छाती और शरीर के सामने सामने की मांसपेशियों को खोलता है जिससे स्वास्थ्य संबंधित परेशानी से राहत मिलती है |

7. अधो मुख संवासना

Girl doing Adho Mukha Svanasana)


 अधो मुख संवासना योग के सबसे प्रसिद्ध आसन है | योग में सबसे प्रसिद्ध आसन होने का कारण यह है कि समकालीन अभ्यास में बहुत महत्वपूर्ण है | जब आप योग का अभ्यास शुरू करते हैं तो यह पहली मुद्रा हो सकती है जिसमें आप अपनी मांसपेशियों को खोलते हुए महसूस करेंगे | अधिकतर अग्रिम आसनों को करवाने से पहले इस आसन का अभ्यास अवश्य करवाया जाता है | यह आसन मन को शांत करता है और तनाव से रह देता है और अस्थमा और साइनसिसिस से पीड़ित लोगों के लिए उपयोगी है |

8. बधाकोनासन

Girl doing badhakonasana

बधाकोनासन एक ऐसा आसान है जिसमें अपना 5 मिनट से भी कम समय लगाना और आप इससे अपने घर में ही आराम प्राप्त कर सकते हैं यह आसन आपके जांघों की मांसपेशियों को सभी प्रकार के तनाव से राहत देती है | बधाकोनासन  रक्त परिसंचरण को उत्तेजित और सुधारता है, थकान से राहत देता है और अस्थमा पर चिकित्सकीय प्रभाव डालता है |

9. पूर्वोत्तानासन

पूर्वोत्तानासन  शरीर के सामने के हिस्से को एक तीर्थ खिंचाव देता है | पूर्वोत्तानासन  सबसे जोरदार बुनियादी योग मुद्रा है | इसके लिए मजबूत कलाई टखनों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से एक मजबूत कोर की आवश्यकता होती है | नियमित अभ्यास से आप आज से इस मुद्रा का अभ्यास करने के लिए आवश्यक शक्ति को आसानी से विकसित कर सकते हैं | पूर्वोत्तानासन श्वसन प्रणाली में सुधार करता है, थायराइड की समस्या को समाप्त करता है, और कलाई, हाथ, पीठ और रीढ़ की हड्डियों को मजबूत करता है |

10. मत्स्यासन 

Girl doing matsyasana
मत्स्यासन आसन उर्जा के स्तर को बढ़ाने, चिंता को दूर करने और हृदय को खोलने के लिए उपयोगी है | यह अष्टांग योग के प्राथमिक श्रृंखला का हिस्सा है और अक्सर हठयोग में सर्वांगासन के लिए एक प्रति रूप में किया जाता है यह आसान स्वास्थ संबंधित परेशानियों में भी राहत देता है और यह फेफड़ों की अन्य कई परेशानियों से भी राहत देता है |
Location: India

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