Saturday, November 20, 2021

थायराइड के लिए योग आसन || Yoga For Thyroid

      थायराइड Thyroid, यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि शरीर का एक अंग है जो हमारी गर्दन में नीचे की तरफ तितली के आकार की ग्रंथि gland के रूप में होता है | ह 8 अंतःस्रावी ग्रंथियों Endocrine System  में से एक है | थायराइड ग्लैंड कैलोरी बर्न के ठीक ऊपर उपस्थित होती है। 
     यह कई कार्यों को नियंत्रण करती है जैसे कि:- यह वजन घटाने या बढ़ने पर नियंत्रण करती है, दिल की धड़कन को धीमा या तेज कर सकती है, शरीर का तापमान बढ़ा या घटा सकती है, उस दर को प्रभावित कर सकती है जिस दर पर भोजन पाचन तंत्र के माध्यम से चलता है, मांसपेशियों के अनुबंध के तरीकों को नियंत्रण कर सकती है, उस दर पूर्ण निर्णय कर सकती है जिस पर मरने वाली कोशिकाओं को बदला जाता है | और जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती तब हमें थकान, ठंड के प्रति संवेदनशीलता, कब्ज, शुष्क त्वचा और अस्पष्ट व्रत वजन बढ़ने या घटने जैसे लक्षण अपने शरीर में दिखाई देते हैं |
     योगासन ना केवल थायराइड ग्लैंड बल्कि सभी ग्रंथियों को स्वस्थ और चायपचय को बनाए रखने में मदद कर सकता है | कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि योग के लगातार व नियमित अभ्यास से थायराइड की परेशानी को जड़ से समाप्त की जा सकता है और इस बात को वैज्ञानिक भी मानते हैं | यह पांच योगासन है जो थायराइड के लिए फायदेमंद है |
     यह कई कार्यों को नियंत्रण करती है जैसे कि:- यह वजन घटाने या बढ़ने पर नियंत्रण करती है, दिल की धड़कन को धीमा या तेज कर सकती है, शरीर का तापमान बढ़ा या घटा सकती है, उस दर को प्रभावित कर सकती है जिस दर पर भोजन पाचन तंत्र के माध्यम से चलता है, मांसपेशियों के अनुबंध के तरीकों को नियंत्रण कर सकती है, उस दर पूर्ण निर्णय कर सकती है जिस पर मरने वाली कोशिकाओं को बदला जाता है | और जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती तब हमें थकान, ठंड के प्रति संवेदनशीलता, कब्ज, शुष्क त्वचा और अस्पष्ट व्रत वजन बढ़ने या घटने जैसे लक्षण अपने शरीर में दिखाई देते हैं |
     योगासन ना केवल थायराइड ग्लैंड बल्कि सभी ग्रंथियों को स्वस्थ और चायपचय को बनाए रखने में मदद कर सकता है | कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि योग के लगातार व नियमित अभ्यास से थायराइड की परेशानी को जड़ से समाप्त की जा सकता है और इस बात को वैज्ञानिक भी मानते हैं | यह पांच योगासन है जो थायराइड के लिए फायदेमंद है |

थायराइड की परेशानी में योग का अभ्यास किस प्रकार किया जाए वह नीचे दी गई वीडियो में उपस्थित है |



1. सर्वांगासन (Sarvangasana)


सर्वांगासन
सर्वांगासन
   सर्वांगासन को अंग्रेजी भाषा में शोल्डर स्टैंड पोस्ट Shoulder Stand Pose कहते हैं | सर्वांगासन कंधों के सारे किए जाने वाला योगासन है| इसे करते हुए पूरे शरीर का भार कंधों पर आता है | सर्वांगासन करते समय गर्दन और कंधों पर जोर पड़ता है | इससे ना सिर्फ आपके कंधे मजबूत होते हैं बल्कि पाचन को बेहतर करने में भी मदद मिलती है | यह आसन थायराइड ग्लैंड को उत्तेजित करने में मदद करता है | यह आसन पूरे शरीर में खिंचाव लाने का काम करता है | 
     यह आसन मस्तिष्क की ओर रक्त के प्रभाव को बढ़ाने के लिए बहुत प्रभावशाली है | इस आसन के अभ्यास से पेट और श्रोणि विसरा का अस्थायी प्रतिस्थापन।
     इस मुद्रा के दौरान आपकी गर्दन का ध्यान रखें और यदि आपको कोई असुविधा हुआ तो अभ्यास बंद कर दें | इस आसन का अभ्यास किसी योग शिक्षक के संरक्षण में सीखे जिससे योग का पूर्ण ज्ञान हूं, याद रहे कि चोट लगने के संभावना के कारण ही यह मुद्रा सभी के लिए सुनिश्चित नहीं है | इस आसन का अभ्यास करते समय आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में योगदान करते हुए दिमाग को सतर्क करें | इस आसन के अभ्यास की अवधि कम से कम यानी शुरुआत में 20 सेकंड से लेकर ज्यादा से ज्यादा 2 मिनट तक तय करनी चाहिए |

2. हलासन (Halasan)

हलासन 
     स्वस्थ रहने का सबसे सरल और सटीक उपाय योग का अभ्यास है | इसके नियमित अभ्यास से ना केवल आप स्वस्थ और सुखी रह सकते हैं बल्कि अपनी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत कर सकते हैं | और योग के अभ्यास से ऐसी कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है जिन का इलाज दवाइयों से नहीं होता जैसे कि थायराइड |  माना जाता है कि हलासन की मुद्रा से थायराइड को उत्तेजित किया जाता है | इसे अंग्रेजी भाषा में Plough Pose  भी कहते हैं लेकिन अधिक वजन वाले या बड़े स्तन वाली महिलाओं के लिए यह आसन मुश्किल हो सकता है | और यदि किसी को अभ्यास के दौरान ऐसा लगता है कि मुद्रा में सांस लेने में कठिनाई हो रही है तो उसे धीरे-धीरे स्थिति से बाहर आना चाहिए |
     हलासन का नियमित अभ्यास करने से वजन कम होता है, शरीर को मजबूती मिलती है, यह पाचन तंत्र के अंगों की मसाज करता है और पाचन सुधारने में मदद करता है |  


     

3. मत्स्यासन (Matsyasana)

मत्स्यासन 

     

     मत्स्य का अर्थ है - मछली। इस आसन में शरीर का आकार मछली के जैसा बनता है| अतः  मत्स्यासन कहलाता है| इसे अंग्रेजी भाषा में मछली मुद्रा Fish Pose भी कहते हैं |  यह आसन छाती को चौड़ा कर उसे स्वस्थ बनाए रखने में लाभकारी है |

मत्स्यासन हलासन के बाद करने के लिए एक श्रेष्ठ आसन है, मत्स्यासन के अभ्यास से कंधों के मुद्रा को ठीक किया जा सकता है | क्योंकि यह शरीर को विपरीत दिशा में फैलाता है | यह आसन बहुत ही सरल है और इस आसन का अभ्यास आप अपने आप भी कर सकते हैं| 

     थायराइड फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए मत्स्यासन को सबसे प्रभावी माना जाता है | जैसे ही आप अपने सिर को मत्स्यासन की मुद्रा में लटका आते हैं, आप गले के क्षेत्र को उजागर कर करके अपने थायराइड को उत्तेजित करते हैं |

4. सेतुबंध आसन (Setu Bandh Asana)

सेतुबंध आसन

     सेतुबंध आसन को अंग्रेजी भाषा में ब्रिज पोज Bridge Pose भी कहा जाता है क्योंकि इसका आकार बहुत हद तक ब्रिज के समान है | 

     यह पीठ के बल लेट कर किया जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण आसनों में से एक है।सेतुबंध आसन कमर दर्द, थायराइड, डिप्रेशन इत्यादि के लिए बहुत ही कारगर है | यह आसन पीठ को मजबूत बनाने के लिए अच्छा है, यह थायराइड स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है | यह रीड को फैलाता है, दर्द और तनाव से राहत देता है, शरीर पर इसका धीरे-धीरे उत्तेजक प्रभाव परिसंचरण को बढ़ाता है | इस आसन को करने की विधि बहुत ही सरल है| इस आसन को करने के बाद थायराइड की अच्छी तरह से मसाज हो जाता है । और  यह थायराइड हार्मोन के स्त्राव में मदद मिलती है जो थायराइड को रोकने में सहायक होता है ।

5. भुजंगासन (Bhujangasana)

भुजंगासन

     भुजंगासन को कोबरा पोज Cobra Pose भी कहा जाता है क्योंकि इसे करने पर शरीर की आकृति फेल कर सांप के समान दिखाई देती है । भुजंगासन शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी है | यह शरीर को लचीला तो बनाता है साथ ही पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डियों को मजबूत बनाता है. यह आसन अभ्यास करने के लिए बहुत ही सरल आसनों की श्रेणी में आता है | 

     भुजंगासन गले और थायराइड को धीरे से उत्तेजित करता है | इस आसन के अभ्यास से थकान और तनाव से मुक्ति मिलती है | यह आसन छाती व फेफड़ों, कंधों और पेट में खिंचाव लाता है | पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, साइटिका से राहत दिलाता है, अस्थमा (दमा) के लिए चिकित्सक है | 


IMPORTANT LINK






























Location: India

1 comment: